बस ड्राइवर के घर से 15 किलो सोना और ₹28.5 करोड़ कैश बरामद, कारोबारी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल: बीरभूम जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पत्थर कारोबारी के घर से भारी मात्रा में सोना और नकदी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, छापेमारी में करीब 15 किलो सोना और 28.5 करोड़ रुपये से अधिक नकद मिले हैं। मामले में कारोबारी मिनार मंडल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

15 किलो सोना और करोड़ों रुपये मिले
पुलिस ने बताया कि बरामद सोने में 1-1 किलो के 14 गोल्ड बार और 100-100 ग्राम के 10 गोल्ड बिस्किट शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 21.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा घर से 28.5 करोड़ रुपये से अधिक नकदी भी बरामद हुई। इतनी बड़ी रकम मिलने से पुलिस और जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं।

नोट गिनने में मशीनों ने भी छोड़ा साथ
पुलिस के अनुसार, बरामद नकदी इतनी ज्यादा थी कि उसे गिनने के लिए पांच करेंसी काउंटिंग मशीनें मंगानी पड़ीं। लगातार नोट गिनने के दौरान सभी मशीनें काम करना बंद कर गईं। इसके बाद नकदी को लोहे के बक्सों में भरकर मोहम्मद बाजार थाना ले जाया गया। वहां से बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

बस ड्राइवर से बना पत्थर कारोबारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि मिनार मंडल पहले राज्य परिवहन विभाग में बस ड्राइवर था। बाद में उसने पत्थर का कारोबार शुरू किया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मिनार मंडल ने दावा किया कि बरामद सोना और नकदी उसके जीजा तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन की है। फिलहाल तुलु मंडल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहा नाम
पुलिस के अनुसार, तुलु मंडल का नाम पहले भी कई जांचों में सामने आ चुका है। वर्ष 2022 में मवेशी तस्करी (कैटल स्मगलिंग) मामले में CBI ने उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसे पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, इन मामलों में अब तक कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है।

100 करोड़ की शादी से भी बटोरी थी सुर्खियां
तुलु मंडल का नाम वर्ष 2024 में उस समय भी चर्चा में आया था, जब उसकी बेटी की शादी में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने के दावे किए गए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उस शादी में बंगाली फिल्म उद्योग के कई कलाकारों के साथ बॉलीवुड अभिनेता अरबाज खान और अभिनेत्री जरीन खान भी शामिल हुए थे।

पैसे के स्रोत की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस को शक है कि बरामद नकदी का संबंध बीरभूम की पत्थर खदानों से जुड़े लेन-देन या सरकारी राजस्व वसूली से हो सकता है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016-17 में तुलु मंडल को जिला कलेक्शन रेट (DCR) वसूली का ठेका मिला था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना कहां से आया और इसमें किन लोगों की भूमिका है।

राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज

मामला सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां बरामद संपत्ति के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और संभावित आर्थिक अनियमितताओं की जांच कर रही हैं।

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बीरभूम की यह कार्रवाई हाल के समय की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक मानी जा रही है। एक पूर्व बस ड्राइवर के घर से करोड़ों रुपये की नकदी और 15 किलो सोना मिलना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह संपत्ति किस स्रोत से आई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

जांच अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए बरामद नकदी और सोने के स्रोत, संभावित वित्तीय अनियमितताओं और आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

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